भूलकर भी न करें ऐसे लोगों पर विश्वास - बन सकते है आपके दु:खों का कारण श्रीमद् भागवत महापुराण व श्रीमद् देवी भागवत महापुराण में कोई भेद नहीं है। दोनों एक ही हैं। यह 18 महापुराणों में एक है। देवी भागवत महापुराण देवी दुर्गा पर आधारित सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इसमें देवी भगवती के सभी अवतारों और चमत्कारों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस महापुराण में देवी भगवती ने ऐसे कई लोगों के बारे में कहा है, जिन पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए। ये लोग अपने जीवन में परेशानी और दुःखों का कारण बन सकते हैं। १ लालची मनुष्य लालच मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन होता है। लालची मनुष्य किसी के भी भरोसा के काबिल नहीं होता। लालची इंसान अपने फायदे के लिए किसी के साथ भी धोखा कर सकते हैं। ऐसे लोग धर्म-अधर्म के बारे में नहीं सोचते। ये लोग अपने मतलब को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और आपको भी परेशानी में डाल सकते हैं। इसलिए, हर किसी को लोभी या लालची मनुष्य से दूर ही रहना चाहिए। 2. द्वेष या जलन की भावना रखने वाला जो मनुष्य दूसरों के प्रति अपने मन में जलन या द्वेष की भाव...
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धन दान देना भी बन सकता है फांसी का कारण - जी हां ये सच है
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धन दान देना भी बन सकता है फांसी का कारण - जी हां ये सच है कई बार हम बिना सोचे समझे दान दे देते है। बिना यह विचार किए हुए कि दी गई वस्तु का हमें दान देना भी चाहिए या नहीं। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि यदि बली , शुभ और सुस्थित ग्रहों का दान करना लाभ के स्थान पर हानि का कारण भी बन सकता है। इस आलेख में हम आपको यह बताने जा रहे है कि ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए। आईये जानें - 1 । कभी भी उच्च के ग्रहों का दान नहीं करना चाहिए और नीच ग्रहों की कभी पूजा नहीं करनी चाहिए। 2 । कुंडली में गुरु दशम भाव में हो या चौथे भाव में हो तो मंदिर निर्माण के लिए धन नहीं देना चाहिए यह अशुभ होता है और जातक को कभी भी फांसी तक पहुंचा सकता है। 3 । कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो कभी भी पीले वस्त्र दान नहीं करने चाहिए। 4 । बारहवें भाव में चन्द्र हो तो साधुओं का संग करना बहुत अशुभ होगा। इससे परिवार की वृद्धि रुक सकती ह...